सुर में गाने का मतलब है जो सुर आप सुनते हैं, अपनी आवाज़ से वही लगाना। बेसुरा गाने वाले ज़्यादातर लोग सुर बिल्कुल ठीक सुनते हैं; बस उनकी आवाज़ ने अभी सुर पर ठीक से टिकना नहीं सीखा, और यह रियाज़ से आता है। शुरुआत free टेस्ट आप कितना सुर में गाते हैं? से कीजिए: यह 5 सुर बजाता है, आप हर एक वापस गाते हैं, और 100 में से score मिलता है। फिर रोज़ 5 से 10 मिनट एक-एक सुर मिलाना, फिसलकर सुर पर पहुँचना और छोटी लाइनों का रियाज़ कीजिए, और अपनी range वाले गाने चुनिए।
मुख्य बातें
- असली सुर-बहरापन (congenital amusia) बहुत कम होता है: अलग-अलग शोध इसे करीब 1.5 से 4% लोगों में बताते हैं। "गाना नहीं आता" कहने वाले ज़्यादातर लोगों की दिक्कत कान की नहीं, आवाज़ पर control की होती है।
- सुर अक्सर तब उतरता है जब वह आपके लिए बहुत ऊँचा हो, आप थके हों, या अपनी आवाज़ सुनाई न दे।
- गाने से पहले सुर गुनगुनाइए। गुनगुनाकर सुर मिलाना आसान है और वही हुनर बनाता है।
- अपनी आवाज़ record कीजिए। सिर के अंदर आपकी आवाज़ असल से अलग सुनाई देती है।
- जो लोग नियमित नहीं गाते, वे सुर टेस्ट में अक्सर 40 से 70 के बीच लाते हैं, और रियाज़ से यह जल्दी बढ़ता है।
Step 1 — अपनी शुरुआत नापिए
Earphones या headphones हों तो लगाइए और आप कितना सुर में गाते हैं? टेस्ट कीजिए। हर सुर पर यह नापता है कि आपका टिका हुआ सुर असली सुर से कितना दूर था, cents में (100 cents = एक सेमीटोन):
| कितना दूर | उस सुर के नंबर |
|---|---|
| 0 cents (बिल्कुल सही) | 100 |
| 10 cents | करीब 95 |
| 20 cents | करीब 82 |
| 30 cents | करीब 64 |
| 45 cents | करीब 37 |
पाँचों का औसत आपका score है, और नतीजा बताता है कि कौन-से सुर ऊपर चढ़े (sharp) और कौन-से उतरे (flat)। कोई भी octave चलता है, इसलिए भारी और पतली दोनों आवाज़ें ठीक हैं। एक हफ़्ते के रियाज़ के बाद फिर से कीजिए और मिलाइए।
Step 2 — गुनगुनाकर एक-एक सुर मिलाइए
- Piano या harmonium app पर अपनी आवाज़ के बीच का कोई एक सुर बजाइए, जैसे अपना Sa।
- "म्म्म" से उसे गुनगुनाइए और पकड़े रहिए।
- अगर आवाज़ खुरदुरी लगे या सुर के साथ "धड़कती" लगे, तो गुनगुनाहट को धीरे-धीरे ऊपर या नीचे खिसकाइए, जब तक वह चिकनी होकर सुर में घुलती न लगे। यही चिकना, एक हो जाने वाला एहसास सुर में होना है।
- अब उसी सुर पर गुनगुनाहट को "आ" में खोलिए।
रोज़ ऐसे 5 सुर कीजिए। शुरू में अपनी बीच वाली आरामदायक range में ही रहिए; देखिए अपनी vocal range कैसे पता करें।
Step 3 — फिसलकर सुर पर पहुँचिए
सीधे सुर पर छलाँग मारने की जगह, थोड़ा नीचे से शुरू कीजिए और फिसलते हुए ऊपर जाइए जब तक सुर बैठ न जाए, जैसे धीमा होता siren। इससे कान और आवाज़ "चलाना" सीखते हैं। आसान होने लगे तो फिसलन छोटी करते जाइए, जब तक सीधे सुर पर न उतरने लगें।
Step 4 — छोटे क़दम, फिर छलाँग
App के साथ "सा रे ग" ऊपर और वापस नीचे गाइए (सा रे ग रे सा), फिर बड़ी छलाँग: सा से प और वापस। सुर उतरता है तो अक्सर ऊपर जाते समय; जितना सोचते हैं उससे थोड़ा ऊपर निशाना रखिए और आवाज़ हल्की रखिए।
Step 5 — अपनी आवाज़ बेहतर सुनिए
जो सुनाई न दे, उसे ठीक नहीं कर सकते।
- एक कान खुला। दोनों कान music से ढके हों तो अपनी आवाज़ खो जाती है। एक earphone निकालिए या एक कान के पीछे हथेली रख लीजिए।
- Music धीमा। Karaoke पर music थोड़ा धीमा और अपना mic थोड़ा तेज़ करवाइए।
- Record करके सुनिए। Phone का voice recorder काफ़ी है। अपनी लाइन तुरंत original से मिलाइए।
Step 6 — आरामदायक स्केल और रफ़्तार पर गाने का रियाज़
- धीमा और कम range वाला गाना चुनिए।
- मुखड़ा ऊँचा हो तो free गाने का स्केल चेंजर से उसे अपनी range में लाइए, और सीखते समय free गाने का टेम्पो चेंजर से धीमा कीजिए (स्केल वही रहता है)।
- पहले original singer के साथ धीरे गाइए, फिर ज़ोर से, फिर अकेले music के ऊपर।
- सबसे मुश्किल लाइन record कीजिए, सुनिए, सुधारिए, दोहराइए।
Karaoke में बेसुरे क्यों हो जाते हैं
- गाना बहुत ऊँचा या नीचा है। Range के किनारों पर सुर डगमगाता है। स्केल नीचे कीजिए: यही सबसे बड़ा इलाज है।
- अपनी आवाज़ सुनाई नहीं देती। शोर वाले कमरे और तेज़ music में सबके सुर बहकते हैं।
- घबराहट और साँस। छोटी, ऊपरी साँसें सुर को कँपाती हैं। हर लाइन से पहले पेट से साँस लीजिए।
- गाना recording से नहीं, याद से सीखा। गाने से पहले original कुछ बार सुनिए और साथ गाइए।
क्या गाना सीखने की क्लास ज़रूरी है?
अच्छे गुरु या teacher से रफ़्तार बहुत बढ़ती है, ख़ासकर अगर आपको पता नहीं चलता कि सुर ऊपर जा रहा है या नीचे। पर बहुत से लोग रोज़ थोड़े रियाज़ और ईमानदार recordings से ख़ुद भी सुधरते हैं। अगर आपका सुर टेस्ट score कुछ हफ़्तों में बढ़ रहा है, तो आप सही रास्ते पर हैं।
सुर में गाती अपनी आवाज़ सुनिए
अगर आपको हमेशा लगा कि आपसे गाना नहीं होता, तो हर सुर सही जगह पर लगाती अपनी आवाज़ सुनना बहुत हौसला देता है। Tera Studio कोई भी गाना आपकी आवाज़ में गाता है: अपनी सामान्य आवाज़ में करीब एक मिनट गाकर record कीजिए, original गाना upload कीजिए, और यह original singer के सुर रखकर आवाज़ आपकी कर देता है। 2 मिनट गाने पर आवाज़ और ज़्यादा आप जैसी लगती है। आपकी recording का सुर में होना ज़रूरी नहीं; वह बस app को बताती है कि आपकी आवाज़ कैसी है। देखिए गाना नहीं आता? अपनी आवाज़ में सुनिए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या मैं बेसुरा पैदा हुआ हूँ? शायद नहीं। अगर आपको पता चल जाता है कि कोई और ग़लत सुर लगा रहा है, या आप दो सुरों का फ़र्क़ सुन पाते हैं, तो आपका कान ठीक है। ज़्यादातर बेसुरापन रियाज़, सही range और अपनी आवाज़ ठीक से सुनने से दूर होता है।
Recording में बेसुरा, पर दिमाग़ में ठीक क्यों लगता हूँ? सिर के अंदर आप अपनी आवाज़ हवा के साथ-साथ हड्डियों से भी सुनते हैं, इसलिए वह आपको दूसरों से ज़्यादा भारी और भरी लगती है और छोटी चूकें छिप जाती हैं। Recording वह दिखाती है जो दूसरे सुनते हैं; इसलिए वह रियाज़ का सबसे अच्छा औज़ार है।
सुर में गाने में कितना समय लगता है? रोज़ 5 से 10 मिनट के रियाज़ से बहुत लोग करीब दो हफ़्ते में फ़र्क़ महसूस करते हैं। हर हफ़्ते सुर टेस्ट दोबारा करके देखिए।
टेस्ट में कितने नंबर अच्छे हैं? 75 से ऊपर का मतलब है आप ज़्यादातर सुरों के क़रीब लगते हैं। कम गाने वालों के लिए 40 से 70 आम बात है।
क्या autotune बेसुरापन ठीक करता है? Pitch correction record की हुई आवाज़ को सही सुरों पर खींच सकता है, पर live गाने में मदद नहीं करता, और ज़्यादा लगाने पर आवाज़ robot जैसी लगती है। रियाज़ से आपकी असली आवाज़ बदलती है।
कोई भी गाना, सुर में गाती अपनी आवाज़ में सुनिए। पहले 2 गाने बनाना और सुनना free है।